बहुत बड़े अफसर की तुलना में छोटा लेखक होना बेहतर है।

बहुत बड़े अफसर की तुलना में छोटा लेखक होना बेहतर है।

आदमी के पास अगर दो विकल्‍प हों कि वह या तो बड़ा अफसर बन जाये और खूब मज़े करे या फिर छोटा-मोटा लेखक बन कर अपने मन की बात कहने की आज़ादी अपने पास रखे तो भई, बहुत बड़े अफसर की तुलना में छोटा-सा लेखक होना ज्‍यादा मायने रखता है। हो सकता है आपकी अफसरी…

Top 5 Children Novels of all time

Top 5 Children Novels of all time

Many of us had found solace in books at a very early age, while some of us might have got introduced to this interesting habit of reading at a much later stage in life. In either case, each one of us has read at least one book from the “children’s section” in our life so…

बहुत निराश हुआ चालीस बरस बाद अपने स्कूेल जा कर

बहुत निराश हुआ चालीस बरस बाद अपने स्कूकल जा कर

  बहुत बरसों से ये इच्‍छा थी कि अगली बार जब भी अपने शहर देहरादून जाऊं, उस गांधी स्‍कूल में जरूर जाऊं जहां से मैंने 1968 में हाईस्‍कूल पास किया था। बेशक 1974 में नौकरियों के चक्‍कर में हमेशा के लिए मैंने अपना शहर छोड़ दिया था और उसके बाद भी  कुछ बरस तक वहां…

नमक के बहाने

नमक के बहाने

पुणे में वह मेरा आखिरी दिन था। लगभग पचास महीने वहां बिताने के बाद मैं मुंबई वा‍पिस जा रहा था। जो दो एक दावतनामे थे, वे निपट चुके थे। मैं वहां अपने आखिरी दिनों में होटलों में ही खाना खा रहा था। बेशक सामान बाद में ले जाता, मैं अगली सुबह वापिस जा रहा था।…

चार्ली चैप्लिन होने का मतलब

चार्ली चैप्लिन होने का मतलब

फ्रैंक हैरीज़, चार्ली चैप्लिन के समकालीन लेखक और पत्रकार ने अपनी किताब चार्ली चैप्लिन को भेजते उस पर निम्नलिखित पंक्तियां लिखी थीं: चार्ली चैप्लिन को उन कुछ व्यक्तियों में से एक जिन्होंने बिना परिचय के भी मेरी सहायता की थी, एक ऐसे शख्स, हास्य में जिनकी दुर्लभ कलात्मकता की मैंने हमेशा सराहना की है, क्योंकि…

कितना अच्छा दिन

कितना अच्छा दिन

सुबह सुहानी है। मौसम मीठा मीठा सा तराना छेड़े हुए है। आज का दिन हमारे लिए खास है। बड़ा बेटा अपनी पहली नौकरी पर गया है। नागपुर से बीटेक और आइआइएम, लखनऊ से एमबीए करने के बाद। मेरे खराब स्वा स्य् ब के बावजूद मेरी हिम्मकत बढ़ाने के लिए उसने मुझे अपने पैंट कमीज प्रेस…