भूतपूर्व प्रेमिका के नाम एक अभूतपूर्व संदेश

amanectod

चूंकि अभी ही फ्रेंडशिप डे बीता है तो कुछ पुराने जख्म हरे हो गए यूँ ही. ये लभ-लैटर उस भूतपूर्व प्रेमिका के नाम है जिससे हमने सन २०१० में प्रेम-सम्बन्ध बनाने की चेष्टा की थी, फ्रेंडशिप बैंड देने के बहाने.

“आदरणीय भूतपूर्व प्रेमिका,

लाज़िमी है ये पत्र पढ़कर तुम्हें तनिक भी ख़ुशी ना होगी. ये पत्र तुम्हें अनगिनत कारणों से लिख रहा हूं. दो प्रमुख हैं- पहला फ्रेंडशिप डे. जो अवश्य स्मरण हो आया होगा आपको. दूसरा घनघोर प्रमुख, नागपंचमी. दोनों एक साथ पड़े तो स्मृति-पटल पर कुछ चक्कर-सा दे मारा गया ऐसा लगा. अरे हाँ! सुना है तुम्हारी शादी हो गई. तो नाग पंचमी की भी शुभकामनाएं.

याद है कॉलेज से बाहर हौज़ ख़ास के एक कैफे में तुम अकेली बैठी थी और हम आ धमके थे. तुमसे एकाध बार ही बात हुई थी. वो भी पहली बेंच से आखिरी बेंच के फासलों के मध्य. तो तुम्हें ना पहचानने की एक्टिंग करते-करते भूल गए थे की तुम भी आ जाती होगी दिल्ली के किसी कोने में ठहरे एक कैफे में. ये चाय सिंगल माल्ट व्हिस्की या तुम्हारी पसंदीदा एक्स्ट्रा डर्टी मार्टीनी भी हो जाती थी कभी-कभी. पहली बार किसी लड़की के साथ शराब पी थी, डींगें तो मारनी ही थीं. हालांकि यहाँ शराब पर बात नहीं करेंगे. शराब पर बात करना चरित्र के लिए हानिकारक होता है. पर वो सिलसिला जो चल निकला था, आज भी याद हो आता है तो अन्दर के सारे चिर-परिचित डिजायर बाहर आ के उछलने लगते हैं.

यहाँ हम अपने प्रेम-सम्बन्ध की वस्तु-स्थिति को परिवर्तित करने की लगन में झालर वाला बैंड लिए घूम रहे थे वहाँ तुम थी कि तुम्हारे कानों पर जूं तक ना रेंगी थी जब तुम्हारे नाम से हमारे कमीने दोस्तों ने चिढ़ाया था हमको.

ओबवियस्ली तुम्हें याद तो होगा उस फ्रेंडशिप डे पर हम तुम्हारे लिए एक नीले नग़ जड़ा फ्रेंडशिप बैंड लाये थे. क्लास के बाद पीछे से तुम्हें बुलाया था. तुमने सफ़ेद  पटिआला सलवार सूट पहना था. हमने पीले रंग की शर्ट और काली जीन्स.

“सुन”

“बोल”

और तुम्हारे हाथ में फ्रेंडशिप बैंड पहनाने के चक्कर में जो उल्टे हाथ का रिसीव हुआ था, उसकी गूँज आज भी सोते से जगा दे. उस दिन कॉलेज के गेट पर दोपहर दो बजे तक पीली शर्ट में इंतज़ार किया था तुम्हारा. शर्ट की एक भी क्रीज़ तक ना बिगड़ने दी थी हमने. ताकि तुम देखते ही मंत्रमुग्ध हो के  हमारे आलिंगन में आ के बस जाओ. पर नहीं, आपने तो हमारे रुखसारों पर ऐसी सलवटें फेर दी की आत्मा तक को स्त्री करना पड़ जाए.

खैर, कई साल बीते तो तुम्हें एक बात बता दूँ. मैंने कभी तुम्हारे साथ शराब चखी तक नहीं, हमेशा एक्टिंग की पर कभी कोई हरकत भी नहीं की. वेटर को सौ का पकड़ाया जाता था हर बार. तो जो भी क्रियाकलाप तुम ये सोच करके करती थी कि इसे याद नहीं रहेगा, सब हमको याद है. कैसे तुमने एक शॉट मंगाया. उसे पिया. फिर ग्लास में ही बाहर भी कर दिया. और फिर से शॉट की तरह ले लिया.

और एक बात बताता हूं, ये दर्द-ए-दिल ज्यादा दिनों तक चस्पा नहीं रहा हमारे हृदय में. तुम्हारी दोस्त थी ना, जिसके गुलाबी फ्रेंडशिप बैंड और सुनहरी डायरी की तारीफें करती तुम थकती ना थी, वो हमने ही उसे दिया था और उसको कसम दी थी की तुम्हें ना पता चलने दिया जाए. छह महीने वो भी थी और फिर हम भी अपनी ही बनाई पगडण्डी पर लिखते-लिखते और बागते-बागते कहीं दूर निकल गए. अभी एक नई बनी है, ए जी, कहके बुलाती है.

हाँ, प्रेम-संबंधों का क्रम आज भी निरंतर जारी है. क्योंकि भले ही प्रेम एक बार होता हो, पर इसका रिवीज़न बारम्बार होता रहता है, अनवरत होता रहता है.

हम बस रिवीज़न किये जा रहे हैं. थैंक्स टू योर तमाचा.

यादें वैसे आज बड़ी कर्री हो रक्खी हैं. क्योंकि अभी-अभी उसने आवाज़ दी है, “ए जी, उठिए चाय बनाइये!”

अपनी चाय की परिभाषा जानती अभी वाली तो पता नहीं क्या मिलता उसको नाश्ते में.

अच्छा फिर, मिलते हैं कभी किसी पगडण्डी पर.

सिर्फ़ तुम्हारे ही नहीं,

हम.”

 

Aman Upadhyay

Team StoryMirror

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2 thoughts on “भूतपूर्व प्रेमिका के नाम एक अभूतपूर्व संदेश

  1. अमन खूब लिखा है। ये प्रेम पत्र सीरीज का पहलीी प्रेमिका को पहला पत्र होो और अाागे भी आते रहेंं। खूब खूब बधाई

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